हमारे कान किस तरह से काम करते है?

हमारी सुनने की शक्ति पांच इंद्रियों में से एक है जिस पर हमारा रोजमर्रा का काम और आनंद निर्भर करता हैं। इसका एक अंग कान है। यह अंग ध्वनि संकेतों को समझने, एकत्र करने इसे आगे भेजने का काम करता है। ज्यादातर लोगों के लिए अज्ञात तथ्य यह है कि कान हमारे शरीर में संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। कान चलने, झुकने और अन्य शारीरिक गतिविधियों की कार्रवाई को संतुलित करता है। हमारे कानों को समझना और उनकी देखभाल करना महत्वपूर्ण है। बहरापन हमारे जीवन को बाधित कर सकता है।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि मानव कान कैसे काम करता है। आइए हम कान को बनाने वाले विभिन्न हिस्सों के बारे में पढ़ें। दृश्य भाग बाहरी कान (Outer Ear) होता है। कान में केवल दृश्यमान भाग ही शामिल नहीं होते हैं। अन्य दो खंड जो दिखाई नहीं दे रहे हैं खोपड़ी के पीछे हैं। ये भाग मध्य कान (Middle Ear) और आंतरिक कान (Inner Ear) हैं।

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कान के प्रत्येक खंड और क्षेत्र में एक विशेष डिजाइन होता है और यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बाह्य या बाहरी कान। (Outer Ear)

बाह्य कान या बाहरी कान में दो खंड होते हैं।

  • पिन्ना (Pinna)

पिन्ना कान का मुलायम लचीला भाग है। पिन्ना का मूल कार्य ध्वनि तरंगों को इकट्ठा करना और उन्हें कान नली (Ear Canal) की ओर निर्देशित करना है। कभी-कभी हम कुछ बहरेपन से पीड़ित लोगों को कान में ध्वनि को निर्देशित या फोकस करने के लिए अपने हाथों की हथेली का उपयोग करते देखा हैं। पिन्ना बिल्कुल वही कार्य करता है।

बाहरी कान का दूसरा घटक श्रवण नली है।

  • श्रवण नली (Auditory Canal)

श्रवण नली या कान नली बाहरी कान से कान के पर्दे (Eardrum)  तक जाने वाली नली है। कान नली में कान के पर्दे या टाम्पैनिक झिल्ली (Typmpanic Membrane) ध्वनि तरंगें ले जाती हैं। यह वह गुहा या क्षेत्र है जहां हम आम तौर पर अपनी उंगली डालते हैं। कान का यह हिस्सा इयरवैक्स या कान का मैल का उत्पादन  करता है। कान नली कान के पर्दे पर समाप्त होती है।

  • कान के पर्दे या टाम्पैनिक झिल्ली (Eardrum or Tympanic Membrane)

कान का परदा एक झिल्ली (Membrane) है जो ध्वनि तरंगों के पहुंचने पर काम करती है। कान के पर्दे को वैज्ञानिक भाषा में टाइम्पेनिक झिल्ली (Tympanic Membrane) के रूप में भी जाना जाता है। टाम्पैनिक झिल्ली बहुत नाजुक होती है। झिल्ली का कुल व्यास लगभग 8 से 10 मिलीमीटर होता है। झिल्ली छोटी मांसपेशियों की मदद से सभी तरफ फैली होती है। कान का परदा जोर से विस्फोट या बाहरी वस्तु से टूट या फट सकता है। कान में किसी वस्तु को डालने की सलाह नहीं दी जाती है। कान के पर्दे की मरम्मत एक साधारण ऑपरेशन से की जा सकती है।

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अपने कानों को तेज आवाज से बचाएं

मध्य कान (Middle Ear)

मध्य कान हमारे कान के पर्दे के पीछे खोपड़ी की हड्डी में एक खोखले हवा से भरा स्थान है। कान का परदा बाहरी कान से मध्य कान को अलग करता है। मध्य कान में 3 छोटी हड्डियां होती हैं। ये हड्डियां हैं:

  • मालियस (Malleus) – हैमर (Hammer) के रूप में भी जाना जाता है
  • इंकस (Incus) – एन्विल (Anvil) के रूप में भी जाना जाता है
  • स्टेप्स (Stapes)- स्टीरप (Stirrup) के रूप में भी जाना जाता है

इन हड्डियों को ऐसे नामित इसलिए किया जाता है क्योंकि वे शारीरिक रूप से एक हथौड़ा, एन्विल और स्टिरप जैसे दिखते हैं । यह 3 हड्डियां एक तरफ कान के पर्दे को छूती हैं और एक-दूसरे को भी छूती हैं। इससे उन्हें कान के पर्दे द्वारा उत्पन्न कंपनों का संचालन करने या ले जाने में मदद मिलती है। मालियस या हथौड़ा कान के पर्दे को छूता है और स्टेप्स या स्टीरप आखिरी हड्डी होती है।

वे न केवल कंपनों को स्थानांतरित करते हैं बल्कि उन्हें बढ़ाते हैं। स्पंदनात्मक हड्डियां तरल पदार्थ को कम्पित करती हैं जो आंतरिक कान में मौजूद होती है। जैसा कम्पन पानी में फेंके हुए पत्थर के कारण बनता है।

यूस्टाचियन ट्यूब (Eustachian Tube)

यूस्टाचियन ट्यूब एक ट्यूब या नली है जो गले के पीछे शुरू होती है और मध्य कान में खुलती है। जब भी हम चिल्लाते हैं या कुछ निगलते हैं तो यह नली या मार्ग खुलता है, यूस्टाचियन नली बाहरी दबाव और आंतरिक दबाव को बराबर करने में मदद करता है। संक्रमण या अन्य कारणों से यूस्टाचियन नली अवरुद्ध या सूज जाती है। नली में अवरोध मध्य कान में दबाव की समानता को रोकता है। दबाव का असंतुलन कान दर्द का कारण बनती है। विमान के लैंडिंग या उतरते समय कुछ लोगों को अवरोध के कारण कान में दर्द का अनुभव होता है।

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कान की संरचना

अंदरूनी कान (Inner Ear)

आंतरिक कान हमारी श्रवण प्रणाली का सबसे जटिल हिस्सा है। यह सुरक्षित रूप से एक छोटी सी जगह में स्थित है और बहुत कठोर हड्डी से संरक्षित है। ईएनटी डॉक्टरों द्वारा इस क्षेत्र तक सीधे क्लिनिकल ​​परीक्षण (ऑपरेशन) से पहुंचना मुश्किल है।

आंतरिक कान में तीन नाजुक भाग जुड़े होते हैं-

1. कोक्लेया (सर्पिल ट्यूब के रूप में दृश्यमान) Cochlea

2. तीन अर्ध-गोलाकार नलियां Semi Circular Canals

3. वेस्टिबुल (भूलभुलैया) Vestibule

  • कोक्लेया (Cochlea)

कोक्लेया श्रवण प्रक्रिया श्रृंखला का एक बहुत ही नाजुक और महत्वपूर्ण अंग है। कोक्लेया की सतह पर लाखों बाल कोशिकाये तरल रेखा में डूबे हुए होते है। ये बाल कोशिकाएं यांत्रिक कंपन को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करती हैं। ये संकेत श्रवण तंत्रिका (Auditory Nerve) के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचते हैं। वेस्टिबुल (भूलभुलैया) और अर्धवृत्त नली, कार्य संतुलन को बनाए रखने के लिए होते हैं। इस क्षेत्र में कोई असंतुलन सर चकराने (Vertigo) का कारण बनता है।

वर्तमान में, कोक्लेया दोषों के कारण श्रवण हानि के इलाज के लिए कोई दवा नहीं है। एक कोक्लेयर इम्प्लांट कोक्लेया के दोषों को दूर करने में मदद कर सकता है। यह ध्वनि संकेतों को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करता है। विद्युत संकेत श्रवण तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचता है।

कान की उचित देखभाल आवश्यक है। किसी भी कान से संबंधित समस्याओं के लिए अपने परिवार से डॉक्टर या ईएनटी (कान, नाक और गले) डॉक्टर से परामर्श लें।

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