हमें कब अपनी कान की मशीन को बदलना चाहिए?

जब हम कान की मशीन का उपयोग करना शुरू करते हैं और हमें मशीन की आदत हो जाती है, तो वे हमारे श्रवण तंत्र का एक अभिन्न अंग बन जाती हैं। कान में लगाने की मशीन, हमारी श्रवण प्रणाली का पहला और महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती हैं। लेकिन क्या हमारी कान की मशीन का प्रदर्शन कुछ वर्षों के बाद भी अच्छा रहता है? जवाब न है। इस वजह से और ऐसे कई कारण हैं जिनके लिए हमें अपनी कान की मशीन को बदलना चाहिए।

हमें कब अपनी कान की मशीन को बदलना चाहिए blog feature image

एक नई मशीन खरीदने से पहले हम पूछताछ करते हैं और इंटरनेट पर खोज करते हैं ताकि हमें सबसे अच्छी कान की मशीन मिल सके।
सबसे अच्छी कान की मशीन खरीदने के लिए कुछ उपयोगी युक्तियों के बारे में हमारा ब्लॉग पढ़े।

कितने समय के बाद हमें कान की मशीन को बदलना चाहिए?

कान में लगाने की मशीन के कार्यचालन का कोई निश्चित समय, जीवन काल का नियम नहीं है। अगर अच्छी तरह से काम कर रही हो तो भी अन्य कारण हैं जिनके लिए हमें कान की मशीन को बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है।

कान की मशीन को बदलने के लिए सबसे बड़ा कारण है तकनीकी विफलता और क्षति या टूट-फूट। सामान्य अनुमान यह है कि कान की मशीन का औसत जीवन 4 से 6 वर्ष तक होता है।

कान की मशीन बदलने के कुछ कारण नीचे दिए गए हैं।

यदि कान की मशीन को बार-बार मरम्मत की आवश्यकता पड़े तो हमें उन्हें बदल देना चाहिए।

एक नाखुश ग्राहक अपनी कान की मशीन के बारे में शिकायत कर रहा है। blog image
एक नाखुश ग्राहक अपनी कान की मशीन के बारे में शिकायत कर रहा है।

क्या आपकी कान की मशीन नियमित रूप से खराब हो जाती है? कार्यशाला में बार-बार आने जाने का अनुभव निराशाजनक हो सकता है। कान की मशीन एक विद्युत (इलेक्ट्रॉनिक) उपकरण है।

मशीन के बाहरी खोल (shell) के भीतर एक सर्किट होता है जो एक छोटी बैटरी से अपनी शक्ति प्राप्त करता है। किसी भी अन्य विद्युत उपकरण की तरह, समय के साथ सर्किट के प्रदर्शन में कमी दिखती है और छोटी-छोटी समस्याएं सामने आती हैं।

कान की मशीन जितनी छोटी होगी, उतनी ही नाजुक होगी और नमी और पसीने से प्रभावित होगी। घर पर कान की मशीन के रखरखाव के बारे में पढ़ें जो हमारी कान की मशीन की जीवन को बढ़ा सकते हैं।

हमें अपनी कान की मशीन की जांच किससे करवानी चाहिए?

कान की मशीन को नियमित अंतराल पर जाँचने की आवश्यकता होती है, मशीन की जाँच किसी ऑडियोलॉजिस्ट या एक योग्य कान मशीन तकनीशियन से करवाना महत्वपूर्ण है।

भले ही मशीन अच्छी तरह से काम नहीं कर रही हो, कभी-कभी उपयोगकर्ता के लिए ध्वनि की गुणवत्ता में गिरावट को जानना मुश्किल होता है क्योंकि मशीन की आवाज़ धीरे-धीरे खराब होती है और मानव शरीर में छोटे-छोटे परिवर्तनों के अनुकूल होने की क्षमता होती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि कान की मशीन अच्छी तरह से काम कर रही है। कान की मशीन का प्रदर्शन केवल एक पेशेवर (Hearing aid professional) ही बेहतर तरीके से आंक सकता है।

कान की मशीन को कितनी बार जांच की आवश्यकता होती है, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। बुजुर्गों को सलाह दी जाती है कि वे हर छह महीने में स्वास्थ्य चेकअप करवाएं तो अपनी मशीन की भी साल में दो बार जांच करवाएं।

हमें अपनी कान की मशीन को बदलना चाहिए यदि वे हमारे बहरेपन के अनुकूल नहीं हैं

संवेदी या सेंसेरिन्यूरल बहरेपन के 90% मामले उम्र से संबंधित होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ बहरापन भी बढ़ता रहेगा। कान की मशीन के ध्वनि उत्पादन (साउंड आउटपुट) चुने हुए मॉडल पर निर्भर करता है। यह संभव है कि मशीन का ध्वनि उत्पादन बढ़ते बहरेपन से मेल खाने के लिए पर्याप्त न हो। ऐसी परिस्थितियों में, बड़े हुए बहरेपन से मेल खाने के लिए हमे कान की मशीन को बदलना चाहिए।

हमें हमारी कान की मशीन को बदलना चाहिए यदि उसे संभालना मुश्किल हो

कान की मशीन का चयन कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे उपयोगकर्ता का श्रवण हानि ऑडियोग्राम और मशीन को संभालने की क्षमता। यह संभव है कि पहले सबसे छोटी मशीन या IIC या सीआईसी का उपयोग करने वाला कोई व्यक्ति अब इसे संभालने में असमर्थ हो।

कान में लगाने की सबसे छोटी मशीन बहुत नाजुक होती हैं और इनमें कोई नियंत्रण नहीं होता है या इसके बटन बहुत छोटे होते हैं जिसे संचालित करना मुश्किल हो सकता है। सीआईसी मशीन में छोटी बैटरी डालना न केवल बुजुर्गों के लिए बल्कि युवाओं के लिए भी एक चुनौती है।

बुजुर्गों द्वारा सामना की जाने वाली कान की मशीन को संभालने में समस्याओं के बारे में पढ़े

कान की मशीन में बैटरी डालने में कठिनाई। blog image
कान की मशीन में बैटरी डालने में कठिनाई।

वृद्ध व्यक्ति के हाथ अस्थिर हो सकते हैं या उनमें फुर्ती की कमी हो सकती है। वात रोग (Arthritis) से पीड़ित व्यक्ति कान में छोटी मशीन ठीक से नहीं डाल पाता है। यदि मशीन कान में ठीक से नहीं डाली जाती है, तो मशीन फीडबैक या सीटी की आवाज देता है।

फीडबैक के अलावा, कान की मशीन के गिरने की भी संभावना रहती है। मशीन का बाहरी आवरण ऐक्रेलिक (Acrylic) से बना है और नाजुक होता है और आसानी से टूट सकता है। गारंटी होने पर भी मशीन का टूटना आमतौर पर निर्माता मशीन की मुफ्त में मरम्मत नहीं करेंगे।

इन परिस्थितियों में, बीटीई (BTE) प्रकार की कान की मशीन का उपयोग करना चाहिए। बीटीई कान की मशीन को संभालना आसान है और नियंत्रण संचालित करने में उचित हैं। बुज़ुर्गो को अपनी कान की मशीन स्वयं संभालने में स्वतंत्रता का अहसास होता है।

हमें अपनी जीवन शैली के आधार पर कान की मशीन को बदलना चाहिए

कान की मशीन के प्रकार का चयन करते समय आपकी जीवनशैली एक महत्वपूर्ण कारक बन जाता है।

नौकरी के दौरान ग्राहकों के साथ उठना बैठना होता है, हो सकता है कि व्यक्ति को अपनी कान की मशीन का दिखाई देना पसंद न हो। इस परिस्तिथी में, व्यक्ति मौजूदा बीटीई कान की मशीन को आईआईसी या सीआईसी से बदल सकता है।

ब्लूटूथ क्षमता एक ऐसी सुविधा है जिस पर विचार किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति की नौकरी की दिनचर्या ज्यादातर समय फोन पर बात करना है, तो ब्लूटूथ कान की मशीन एक बहुत अच्छा विकल्प है। वह अपनी पुरानी कान की मशीन को ब्लूटूथ वाली मशीन से बदल सकता है।

यह फोन की आवाज को सीधे मशीन के माध्यम से उपयोगकर्ता के कानों में भेजता है। उपयोगकर्ता को पारंपरिक कान की मशीन के साथ सुनने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। गुनगुनाती ध्वनि और अनिमेष फीडबैक बातचीत को मुश्किल बना देता है।

नइ कान की मशीन का चयन या उसका उन्नयन केवल ऑडियोलॉजिस्ट के सुझाव के अनुसार होना चाहिए।

यदि नई सुविधाएँ लाभकारी हैं तो आपको अपनी कान की मशीन को बदलना चाहिए

ब्लूटूथ कान की मशीन के फायदे। blog image
ब्लूटूथ कान की मशीन के फायदे।

यह स्वाभाविक है कि हम अपनी कान की मशीन की ध्वनि की गुणवत्ता से खुश हैं और अब तक हमें कोई शिकायत नहीं है, लेकिन हमें नई उपलब्ध या आगामी सुविधाएँ आकर्षक लग सकती हैं।

डिजिटल कान की मशीनों की नई पीढ़ी विरूपण मुक्त ध्वनि देने तक ही सीमित नहीं है, नई सुविधाएँ बहुत सारी ऐसी विशेषताएं प्रदान करके उपयोगकर्ता के जीवन को सरल बनाती हैं जो कुछ साल पहले अकल्पनीय थीं।

अगर आप टीवी देखना पसंद करते हैं और खुश नहीं हैं क्योंकि ध्वनि स्पष्ट नहीं है तो अब आपको और चिंता करने की जरूरत नहीं है। नइ कान की मशीन को एक स्ट्रीमर (Audio Streamer) से जोड़ा जा सकता है। स्ट्रीमर एक ऐसा उपकरण है जो आपके टेलीविजन से जुड़कर सीधे आपकी कान की मशीन तक ध्वनि पहुंचाता है। अब टेलीविजन की आवाज़ बढ़ाने और कमरे में दूसरों को परेशान करने की ज़रुरत नहीं।

यदि आप एक संगीत प्रेमी हैं और आपकी वर्तमान कान की मशीन संगीत को असहनीय बनाती हैं तो अपनी कान की मशीन को उस मशीन से बदलें जिसमें संगीत सुनने के लिए विशेष सेटिंग हो। यह सुविधा विशेष रूप से संगीत सुनने के लिए है।

नवीनतम विकास से परिचित होने के लिए उन्नत डिजिटल कान की मशीन की विशेषताओं के बारे में पढ़ें

क्या आप जानते हैं कि डिजिटल कान की मशीन आपके स्वास्थ्य की निगरानी कर सकती है?

यह नवीनतम तकनीक स्टारकी लीविओ ए आई कान की मशीन (AI or Artificial Intelligence available in Starkey Livio AI hearing aid) में यह सुविधा है कि वह ह्रदय की धड़कन को माप सकती है और आपकी दैनिक हलचल का हिसाब रखती है। इस से पता चलता है कि आप आवश्यक व्यायाम कर रहे हैं या नहीं।

यदि उपयोगकर्ता गिर जाता है तो यह मशीन चयनित फ़ोन नंबरों पर अपने आप एक चेतावनी संदेश भेजती है। यह एक नवीनतम तकनीक है और अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत उपयोगी है।

ओटिकॉन कंपनी का ओपीएन मॉडल (Oticon OPN) अन्य सुविधाओं के अलावा ईमेल और फेसबुक संदेश प्राप्त सूचना जैसी सुविधाएं देता है।

अच्छा महसूस करने के लिए हम अपनी कान की मशीन को क्यों नहीं बदल सकते?

यदि आप बड़ी बीटीई कान की मशीन का उपयोग कर रहे हैं और नए कान के अंदर प्रकार को पसंद करते है तो आगे बढ़ें और अपने ऑडियोलॉजिस्ट से चर्चा करें।

डिजिटल कान की मशीन विनिर्देश का ऑडियोग्राम से मेल खाना ज़रूरी हैं। अच्छा महसूस करना बहुत जरूरी है, यह नई गाडी या मोबाइल फ़ोन खरीदने जैसा है। जब हम अपने मोबाइल फ़ोन को हर 2 साल में बदल देते हैं, भले ही पुराना ठीक से काम कर रहा हो, तो हम कान की मशीन को क्यों नहीं बदल सकते?

सामाजिक संपर्क और संचार आपको स्वस्थ रखता है

यह पुष्ट तथ्य है कि बहरेपन के कारण अपने आप में सीमित रहना और किसी से बातचीत नहीं करना बुजुर्गों में अवसाद का कारण बन सकता है और अवसाद के गंभीर मामलों में अल्जाइमर रोग हो सकता है।

अनुपयुक्त कान की मशीन का उपयोग करने से संचार में रुकावट आ सकती है। जीवन का पूरी तरह से आंनद उठाने के लिए अपनी कान की मशीन को बदलने में संकोच न करें।

Leave a Comment