क्या मानसिक तनाव के कारण बहरापन हो सकता है? तनाव कम करने के 7 तरीके

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तनाव – आज की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसने यह शब्द न सुना हो। आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों के कारण असंख्य लोग शारीरिक तनाव व मानसिक तनाव से ग्रसित हैं। इस कारण से जन-सामान्य में तनाव संबंधित जागरूकता में बढ़ोत्तरी भी हो रही है। इसी बात को ध्यान में रखकर हम तनाव से जुड़ा एक ऐसा पहलू आपके सामने रखना चाहते हैं जिससे ज्यादातर लोग अवगत नहीं हैं।

हम सभी जानते हैं कि हृदय रोग और उच्च रक्तचाप तनाव के प्रत्यक्ष परिणाम हैं, लेकिन क्या मानसिक तनाव के कारण बहरापन हो सकता है?

इस समय आप महसूस कर रहे होंगे कि क्या यह संभव है? हम आपको बताना चाहते हैं कि मानसिक तनाव के कारण बहरापन या तनाव प्रेरित बहरापन एक वास्तविक, प्रमाणित तथ्य है। उच्च तनाव के कारण सुनने की समस्या हो सकती है।

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तनाव कम करना अच्छा कान स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। आगे पढ़ते जाइए और तनाव कम करने के 7 सरल तरीके जानिए।

क्या मानसिक तनाव के कारण बहरापन हो सकता है?

मानसिक तनाव के कारण बहरापन का होना एक स्वीकृत वैज्ञानिक तथ्य है। हम तनावपूर्ण समय में रहते हैं; कई बार, हमारे काम से संबंधित तनाव या व्यक्तिगत पारिवारिक मुद्दे हमें जगाए रखते हैं। तनावपूर्ण स्थिति में हमारा शरीर कुछ रसायन छोड़ता है, इन रसायनों का लगातार स्राव हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। लगातार तनाव उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी रोग, मधुमेह और बहरेपन जैसी कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। उन बीमारियों के बारे में पढ़ें जो बहरेपन का कारण बनती हैं।

तनाव के कारण कुछ लोगों में आकस्मिक या अचानक श्रवण हानि (Sudden Hearing Loss) हो सकती है; 3 से 4 घंटे की अवधि के भीतर बहरा होना भी अचानक बहरेपन में शामिल है।

कुछ मामलों में, उच्च मानसिक तनाव के स्तर से टिनिटस (कान में सीटी बजना) हो सकती है।

मानसिक तनाव के कारण बहरापन कैसे हो सकता है?

तनाव हमारे शरीर की सामान्य गतिविधियों को सुचारू रूप से नहीं होने देता । उच्च-तनाव के स्तर की प्रतिक्रिया में हमारा शरीर एड्रेनालाईन (Adrenaline) को हमारे रक्तप्रवाह में छोड़ता है। एड्रेनालाईन एक हार्मोन या ग्रन्थिरस है जो शरीर की प्राकृतिक “फाइट या फ़्लाइट” (लड़ो-या-भागो अनुक्रिया) प्रतिक्रिया के लिए मांसपेशियों में रक्त की आपूर्ति को बढ़ाता है।

कभी-कभी एड्रेनालीन का प्रवाह शरीर के लिए अच्छा होता है, लेकिन नियमित रूप से ऐसा होते रहना हानिकारक है।

बार-बार तनाव से गुज़रने के कारण एड्रेनालीन रक्तप्रवाह में जारी रहता है। एड्रेनालाईन के प्रभाव के कारण, बड़ी रक्त वाहिकाओं में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। यह क्रिया छोटी रक्त वाहिकाओं में रक्त के प्रवाह को कम करती है। एड्रेनालीन के प्रभाव से सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं में बहते रक्त की मात्रा कम होने लगती है और वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं।

हमारे आंतरिक कान को पोषण के लिए जो रक्त प्राप्त होता है, वह इन्हीं सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं के माध्यम से समुचित मात्रा में मिलता है। तनावपूर्ण अवस्था में कान में रक्त की आपूर्ति की कमी से बाल कोशिकाएं मर जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप संवेदी या सेंसरोरियल बहरापन होता है।

मानसिक तनाव के कारण बहरेपन के लक्षण

यदि आप लंबे समय से मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं या लगातार तनावपूर्ण स्थिति से गुज़र रहे हैं, तो निम्न लक्षणों से अवगत रहें।

  • कान में अचानक दर्द होना।

  • अचानक दबाव या अवरोधन महसूस होना।

  • ध्वनियाँ का मद्धिम या फीका होना।

  • एक या दोनों कानों में सुनने की अचानक हानि।

अपने कान के डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें क्योंकि समय पर उपचार आपकी श्रवण क्षमता को बचा सकता है।

आयु संबंधी बहरापन समय के साथ धीरे-धीरे बढ़़ता है और तत्काल या चंद घंटों के भीतर नहीं होता है। यदि बहरापन किसी भी ज्ञात कारण के बिना एक छोटी अवधि के भीतर हुआ है, तो यह अचानक सुनवाई हानि हो सकती है।

क्या तनाव एक कान में बहरेपन का कारण बन सकता है?

अचानक हुई (आकस्मिक) बहरापन एक कान को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है, जबकि उसके विपरीत उम्र से संबंधित बहरापन आमतौर पर दोनों कानों में मौजूद होती है।

क्या तनाव के कारण अस्थायी बहरापन भी हो सकता है?

तनाव से संबंधित बहरापन अस्थायी हो सकता है। यदि हमारे कानों में रक्त की आपूर्ति कम अवधि में बहाल हो जाए तो बहरापन प्रतिवर्ती होता है। आकस्मिक बहरापन एक आपातकालीन स्थिति है; तत्काल चिकित्सा उपचार संपूर्ण या अधिकांश श्रवण क्षमता को बहाल कर सकता है।

हम अपने कान स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रख सकते हैं?

यदि अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण बहरापन होता है, तो एकमात्र उपाय स्वयं को तनावमुक्त बनाना ही है। अन्य कारणों की जाँच-पड़ताल भी करें जो कि बहरेपन का कारण बनते हैं।

तनावमुक्ति से  हमारी श्रवण क्षमता सुरक्षित रह सकती है और उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याओं जैसी अन्य बीमारियों की संभावना कम हो सकती है।

कार्यस्थल का माहौल, दैनिक आवागमन, और पारिवारिक दबाव मानसिक तनाव के कुछ प्राथमिक कारण हैं, जिन्हें बदल पाना पूरी तरह से हमारे हाथ में नहीं है। इसलिए हमें विशेष रूप से खुद को तनावमुक्त बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

अपने कान स्वास्थ्य को संरक्षित करने व सुरक्षित रखने हेतु नियमित रूप से हमारे इन तनाव कम करने के 7 सरल तरीकों का पालन करें।

1. मानसिक तनाव का इलाज – गहरी नींद

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मानसिक तनाव के कारण बहरापन कम करने के लिए गहरी नींद

गहरी नींद अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। निद्रावस्था की स्थिति शरीर को स्वस्थ अवस्था में लाने में मदद करती है। मस्तिष्क सहित हमारे शरीर को ठीक से काम करने के लिए आराम की आवश्यकता होती है। गहरी नींद शारीरिक व मानसिक तनाव को कम करने की प्रभावी विधि है।

समय पर सोने-जागने की आदत डालें। 6-8 घंटे की गहरी मीठी नींद तनाव से मुक्ति दिलाती है।

2. मानसिक तनाव का इलाज – कुछ शांति-भरे क्षण व्यतीत करें

यदि आप खुद को तनावपूर्ण स्थिति में पाते हैं, तो कुछ क्षणों के लिए अपने आप को उससे दूर करने की कोशिश करें, अपने विचारों व भावनाओं को नियंत्रित करें, और फिर संयम के साथ उस स्थिति का मूल्यांकन करें। आप खुद तनाव में कमी महसूस कर पाएंगे। यदि आप एक बैठक में हैं और वहाँ से निकल नहीं सकते हैं, तो गहरी साँस लें। गहरी साँस लेने से शरीर पर शांत प्रभाव पड़ता है।

3. मानसिक तनाव का इलाज – अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिताएं

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अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिताएं

तनावपूर्ण नौकरियों में लोगों को छुट्टी लेनी चाहिए। कंपनी प्रबंधन को इस बात पर जोर देना चाहिए कि तनावपूर्ण कार्यशैली रखने वाले उनके अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अवकाश मिलना चाहिए। शांतिपूर्ण खुशनुमा वातावरण में अपने परिवार के संग समय बिताने से आपका मानसिक तनाव छूमंतर हो जाएगा। प्राकृतिक स्थल तन और मन को ऊर्जावान बनाने में सहयोगी हैं।

4. मानसिक तनाव का इलाज – पशु सहायक चिकित्सा की विधि – Animal Assisted Therapy

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पशु सहायक चिकित्सा की विधि

घरेलू पालतू जानवर सबसे उत्कृष्ट तनाव निवारक साबित होते हैं। अपने पालतू कुत्ते-बिल्ली के साथ खेलना आपके स्वास्थ्य के लिए चमत्कारी हो सकता है। यह एक ज्ञात तथ्य है कि पालतू जानवरों के साथ खेलने से ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) का स्तर बढ़ता है, जो कि तनाव कम करने वाला हार्मोन या ग्रन्थिरस है, और तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कोर्टिसोल (Cortisol) का स्तर घटता है। पशु सहायक चिकित्सा की विधि उपचार का एक स्वीकृत रूप है और इससे मानसिक तनाव के कारण बहरापन कम होगा।

5. मानसिक तनाव का इलाज – संगीत सुनें या फिल्में देखें

म्यूज़िक थेरेपी अर्थात संगीत के माध्यम से चिकित्सा भी तनाव से राहत देने वाले उपचारों का एक स्थापित रूप है। अपने पसंदीदा मधुर, सुखदायक संगीत को सुनें, और तनाव को गायब होता महसूस करें।

घर पर अपनी पसंदीदा फिल्म देखें या किसी सिनेमाघर में जाएं और अपनी चिंताओं को भूल जाएं। विशेष रूप से हास्य फिल्में आपके तनाव के स्तर काफी कम कर सकती हैँ। “हँसी सर्वश्रेष्ठ दवा है” यह कहावत बिल्कुल सत्य है।

6. मानसिक तनाव का इलाज – ध्यान, योग, जॉगिंग या व्यायामशाला का अभ्यास करें

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फिटनेस और सेहत के लिए जॉगिंग

ध्यान और योग तनाव मुक्ति और विश्राम के लिए सदियों पुराने समाधान हैं। ध्यान और योग न केवल शारीरिक व मानसिक तनाव को दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि रक्तचाप, अनिद्रा और अवसाद पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। नियमित रूप से टहलना, दौड़ना या व्यायाम करना शरीर को उत्तम स्वास्थ्य में रखता है। व्यायाम करने से शरीर में एंडोर्फिन का उत्पादन होता है। एंडोर्फिन हार्मोन होते हैं जो मस्तिष्क में जारी होते हैं और कल्याण और खुशी की भावना देते हैं, जो सीधे तनाव को कम करता है।

साथ ही अनुलोम-विलोम, भ्रामरी व कपाल भांति प्राणायाम करने से आपको असीम शांति का अनुभव होगा। मंत्रोच्चारण करने से भी तनाव कम होता है व श्रवण क्षमता में वृद्धि हो सकती है।

7. मानसिक तनाव का इलाज – हेल्थ स्पा थेरेपी और मालिश उपचार

हेल्थ स्पा थेरेपी या अच्छी मालिश एक त्वरित तनाव निवारक हो सकती है। मालिश शारीरिक तनाव को दूर करने, थकान को कम करने और शारीरिक दर्द से छुटकारा दिलाने में काफी कारगर है। मालिश शरीर में एंडोर्फिन का उत्पादन करती है; यह तनाव के स्तर को कम करने में मदद करता है। एक गर्म पानी के टब में कुछ देर बैठने से रक्त परिसंचरण में समुन्नति होती है।

मालिश के अन्य लाभ हैं:

  • रक्तचाप में कमी (बहरेपन का एक कारण)
  • प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार (संक्रमण होने की संभावना में कमी)
  • हृदय स्वास्थ्य और रक्त की आपूर्ति में सुधार (जिसके परिणामस्वरूप आंतरिक कान को पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा में आपूर्ति होती है, जो देरी से होने वाली बहरापन का कारण बनता है।)

बहुत से लोग कम उम्र में कार्य संबंधित तनाव “बर्न आउट” (Burn out) को संभालने में असमर्थ हैं। तनाव एक मूक हत्यारा है और दिन-प्रतिदिन भारी तादाद में लोग इसका शिकार बनते जा रहे हैं।

अतः खुद को शारीरिक व मानसिक तनाव के कारण बहरापन से बचाना हम सभी का कर्तव्य है। खुश रहें, तंदुरुस्त रहें और तन-मन से तनावमुक्त रहकर स्वस्थ जीवन यापन करें।

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