जन्मजात बहरापन का इलाज और ऐसा क्यों होता है?

जन्मजात बहरापन गर्भावस्था के दौरान आनुवंशिक कारणों या जटिलताओं के कारण बच्चे के जन्म के समय मौजूद बहरापन है। कुछ मामलों में, आनुवंशिक कारकों के कारण बहरापन जन्म के समय मौजूद नहीं होता है लेकिन कुछ समय बाद पता चलता है। जन्मजात बहरेपन का इलाज कराने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि बच्चे का जल्द से जल्द श्रवण जांच परीक्षण किया जाए। यह अनुशंसा की जाती है कि जन्म के एक महीने के भीतर श्रवण परीक्षण किया जाना चाहिए। नवजात श्रवण जांच परीक्षण गैर-आक्रामक है और बच्चे की सुनने की क्षमता को इंगित करता है।

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छवि सौजन्य: Laura Garcia from Pexels

क्या जन्मजात बहरापन स्थायी है?

जब शिशु का श्रवण परीक्षण (Hearing test in newborns) जन्मजात बहरेपन के लक्षणों को इंगित करता है तो डॉक्टर बहरेपन के कारण का मूल्यांकन और निर्धारण करते है। अगर बहरापन संवेदी या सेंसेरिन्यूरल बहरापन है जो आंतरिक कान, श्रवण तंत्रिका (कान की नसों) या केंद्रीय श्रवण मार्ग में दोष के कारण है, तो यह एक स्थायी बहरापन है।

यदि यह प्रवाहकीय बहरापन (Conductive deafness) का मामला है जो बाहरी कान या मध्य कान में दोष के कारण होता है, तो ज्यादातर मामलों में, सुधारात्मक सर्जरी (corrective surgery) जन्मजात बहरापन का इलाज है और बच्चे की सुनने की शक्ति को बहाल कर सकता है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे बच्चे को सुनने की समस्या है?

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, नवजात शिशुओं में श्रवण जांच बहुत जरूरी है। जितनी जल्दी जन्मजात बहरापन का इलाज किया जाये, उतनी ही जल्दी बच्चे के भाषण और संचार कौशल विकसित करने की संभावना होती है। बच्चों में बहरापन के लक्षण जानने के लिए माता-पिता हमारे ब्लॉग पड़े।

जन्मजात बहरेपन के कारण क्या हैं?

जन्मजात बहरापन दो प्रकार का होता है:

  • वंशानुगत बहरापन
  • गैर-वंशानुगत बहरापन

आनुवंशिक बहरेपन के कुछ कारण नीचे दिए गए हैं:

आनुवंशिक बहरापन के मामले में, एक या दोनों माता-पिता से बच्चे को विरासत में मिले जीन (gene) के कारण होता है।

ऑटोसोमल डोमिनेंट बहरापन (Autosomal Dominant Hearing Loss)

ऑटोसोमल डोमिनेंट बहरापन के मामले में, माता-पिता में से एक के पास एक हावी (dominant) जीन होता है और बहरापन भी है। बच्चे में जन्मजात बहरापन होने की 50% संभावना होती है। यदि माता-पिता दोनों में एक प्रमुख जीन होता तो बच्चे के बहरेपन की संभावना बढ़ जाती है।

• वार्डनबर्ग सिंड्रोम (Waardenburg syndrome)
• ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम (Treacher Collins syndrome)
• क्राउज़ोन सिंड्रोम (Crouzon syndrome)

ऑटोसोमल रिसेसिव बहरापन (Autosomal Recessive Hearing Loss)

इस मामले में, माता-पिता दोनों सामान्य रूप से सुन पाते हैं, लेकिन उनके पास एक पुनरावर्ती जीन है जो बच्चे को जाता है। बच्चे के बहरापन होने की संभावना लगभग 25% है।

• पेंड्रेड सिंड्रोम (Pendred Syndrome)
• अशर सिंड्रोम (Usher syndrome)
• डाउन सिंड्रोम (Down syndrome)

एक्स-लिंक्ड बहरापन (X-linked Hearing Loss)

इस मामले में, माँ के गुणसूत्रों पर पुनरावर्ती जीन होता है और वह विशेषताओं को अपने बच्चों को हस्तांतरित करती है।

• एलपोर्ट सिंड्रोम

गैर-वंशानुगत जन्मजात बहरापन के कुछ सामान्य कारण:

  • वायरल संक्रमण जैसे रूबेला/खसरा, साइटोमेगालोवायरस, या हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस
  • समय से पहले जन्म
  • जन्म के वक़्त, शिशु के वजन मे कमी होना
  • प्रसव पूर्व संक्रमण
  • प्रसव के दौरान चोट लगना
  • टेराटोजेनिक दवाएं (Teratogenic drugs) ये दवाएं भ्रूण के नियमित विकास में बाधा उत्पन्न करती हैं। केमिस्ट की दुकान पर उपलब्ध कई सामान्य दवाएं टेराटोजेनिक हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान माँ द्वारा सेवन किए गए विषाक्त पदार्थ जिनमें नशीले पदार्थ और शराब शामिल हैं।
  • कान की विकृति। (माइक्रोटिया या एनोटिया)
  • गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप
  • बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है, जिसे एनोक्सिया कहा जाता है।

जन्मजात बहरेपन का निदान कैसे किया जाता है?

अगर नवजात शिशु अपना सिर घुमाकर ध्वनि के प्रति प्रतिक्रिया करता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे में बहरापन नहीं है और आगे के परीक्षण की आवश्यकता नहीं है।

कुछ निश्चित आवृत्तियों पर बच्चे को हल्के से मध्यम जन्मजात बहरापन होने की संभावना हो सकती है। सुनने की शक्ति सही है या नहीं यह निर्धारित करने के लिए कुछ महीनों के बाद एक विस्तृत परीक्षण आवश्यक है।

जन्म के बाद या जन्म के एक महीने के भीतर एक परीक्षण शीघ्र निदान के लिए पर्याप्त है। लेकिन देर से शुरू होने या प्रगतिशील बहरापन (progressive hearing loss) की संभावनाओं को खत्म करने के लिए बच्चों को नियमित अंतराल पर श्रवण परीक्षण से गुजरना चाहिए।

एक प्रारंभिक शारीरिक परीक्षा जन्मजात कान नहर गतिभंग या कर्ण गतिभंग का पता लगा सकती है। इस मामले में, कान नहर सामान्य रूप से विकसित नहीं होती है और मध्य कान तक पहुंचने वाली ध्वनि को प्रतिबंधित या अवरुद्ध करती है।

नवजात शिशुओं में श्रवण परीक्षण

स्वास्थ्य प्राधिकारी नवजात शिशुओं में निम्नलिखित श्रवण परीक्षणों की सलाह देती हैं।

ध्वनिक उत्सर्जन (Otoacoustic Emission)

बहरेपन का पता लगाने के लिए ओटोअकॉस्टिक उत्सर्जन परीक्षण बहुत सामान्य और त्वरित तरीका है। OAE उपकरण बच्चे के कान में क्लिक प्रस्तुत करता है और क्लिक के प्रति गूंज या कान की प्रतिक्रिया को मापता है। OAE परीक्षण बाहरी कान, मध्य कान और बाहरी बालों की कोशिकाओं के कामकाज की जाँच करता है। OAE परीक्षण श्रवण तंत्रिका या श्रवण ब्रेनस्टेम मार्ग (auditory brainstem pathway) की जाँच नहीं करता है।

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नवजात श्रवण परीक्षण – चित्र सौजन्य: Liannadavis – commons.wikimedia

श्रवण ब्रेनस्टेम प्रतिक्रिया (Auditory Brainstem Response)

एबीआर (ABR) परीक्षण नवजात श्रवण परीक्षण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह संभव है कि ओएई (OAE) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला बच्चा एबीआर (ABR) परीक्षा पास न करे। यह परीक्षण श्रवण तंत्रिका और मस्तिष्क की प्रतिक्रिया को मापता है, जो OAE परीक्षण द्वारा नहीं किया जाता है।
स्वचालित श्रवण ब्रेनस्टेम प्रतिक्रिया उपकरण क्लिक (click) की प्रतिक्रिया को मापता है। बच्चे के सिर पर लगाए गए इलेक्ट्रोड (electrode) उस प्रतिक्रिया को पकड़ते हैं जिसका विश्लेषण किया जाता है।

जन्मजात बहरापन का इलाज क्या हैं?

जन्मजात प्रवाहकीय बहरापन के मामले में, डॉक्टर ऑपरेशन से बाहरी और मध्य कान की विकृति के अधिकांश मामलों को ठीक कर सकता हैं। अवरुद्ध कान नहर के मामले में, डाक्टर कान नहर बनाता है और इसे आवश्यकतानुसार चौड़ा करता है।

माइक्रोटिया और एनोटिया, (Microtia or Anotia) के मामले में, जहां बाहरी दृश्य कान सामान्य से छोटा होता है या मौजूद नहीं है, डॉक्टर बाहरी कान का पुनर्निर्माण करता है। प्रवाहकीय बहरेपन के मामले में सुधारात्मक सर्जरी जन्मजात बहरापन का इलाज है।

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दो चरण कान पुनर्निर्माण ऑपरेशन

नीचे दिये गये श्रवण उपकरणों का उपयोग करना जन्मजात बहरापन का इलाज हो सकता है।

  • कान की मशीन
  • कॉक्लियर इम्प्लांट
  • श्रवण ब्रेनस्टेम प्रत्यारोपण

कान की मशीन – जन्मजात बहरापन का इलाज

जन्मजात बहरेपन के इलाज के लिए कान की मशीन सबसे सरल और सबसे सुविधाजनक प्रवर्धन उपकरण हैं। सभी प्रमुख कंपनियां हल्के से गहन बहरापन के लिए कान की मशीन बनाती हैं।

निर्माता शिशुओं के लिए खास कान की मशीन बनाते हैं, ये कान के पीछे लगने वाली मशीन आकार में छोटे होते हैं और बच्चे के कान के पीछे आराम से फिट होते हैं। कुछ मॉडलों में माता-पिता के लिए एलईडी (LED) लाइट संकेतक होते हैं ताकि यह पता चल सके कि कान की मशीन काम कर रहा है या नहीं।

बच्चे को हर तीन महीने में ऑडियोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। चूंकि बच्चा बढ़ रहा है तो कान नहर और बाहरी कान का आकार भी बढ़ेगा। ध्वनि प्रतिक्रिया से बचने के लिए यदि पुराना कान का साँचा ढीला है तो उसे बदला जाना चाहिए। एक आवधिक जांच ऑडियोलॉजिस्ट को यह जांचने में भी मदद करती है कि क्या बहरापन बढ़ तो नही रहा है? तदनुसार कान मशीन के ध्वनि उत्पादन को बढ़ाना होगा।

कॉक्लियर इम्प्लांट – जन्मजात बहरापन का इलाज

कुछ मामलों में, कान की मशीन वांछित परिणाम नहीं देते हैं, अस्पष्ट भाषण एक कारण है। ऐसे में जन्मजात बहरेपन के इलाज के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट सही विकल्प है। डॉक्टर और ऑडियोलॉजिस्ट मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद उपयुक्तता पर निर्णय लेते हैं।
कॉक्लियर इम्प्लांट बाहरी और मध्य कान को बाय-पास करता है और सीधे आंतरिक कान के कोक्लीअ या कर्णावर्त को संकेत देता है। जानिए कॉक्लियर इम्प्लांट कैसे काम करता है

श्रवण ब्रेनस्टेम प्रत्यारोपण – जन्मजात बहरापन का इलाज

श्रवण ब्रेनस्टेम प्रत्यारोपण (Auditory Brainstem Implant) के मामले में, श्रवण ब्रेनस्टेम इम्प्लांट द्वारा संसाधित ध्वनि संकेत कर्णावत तंत्रिका को बायपास करते हैं और ब्रेनस्टेम में श्रवण पथ को उत्तेजित करते हैं। ब्रेनस्टेम इम्प्लांट उन मामलों में उपयोगी होता है, जहां श्रवण यंत्र और कर्णावत प्रत्यारोपण मदद नहीं करते हैं।

ऊपर बताए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जन्मजात बहरापन का इलाज हैं। माता-पिता के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चों को जल्द से जल्द सांकेतिक भाषा भी सिखाएं। कान की मशीन के उपयोग के साथ सांकेतिक भाषा का उपयोग करने से बच्चों को बेहतर संवाद करने और दोस्तों के साथ बातचीत करने में मदद मिलेगी।

संदर्भ:
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5675031/
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5222593/

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